मांगें नहीं माने जाने पर एशियाई खेलों का बहिष्कार करेंगे: साक्षी मलिक 

नई दिल्ली। पहलवान अपनी मांगों से पीछे हट गए हैं, उन्होंने आंदोलन स्थगित कर दिया है, वे सरकार के सामने झुक गए हैं।  इन तमाम अफवाहों को दरकिनार करते हुए ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने सोनीपत की महापंचायत में कहा कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी गईं, तो हम एशियाई खेलों का बहिष्कार करेंगे। एशियाई खेल सितंबर में चीन में होंगे। यदि इस खेल में पहलवान हिस्सेदारी नहीं करते हैं, तो इससे भारत की पदक संभावनाओं को बड़ा झटका लगेगा। बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट दोनों ने 2018 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने शनिवार को सोनीपत में हुई इस महापंचायत में साफ शब्दों में कहा कि, ‘कुश्ती महासंघ के प्रमुख (बृजभूषण सिंह) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलावन सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों से बाहर बैठेंगे, अगर तब तक उनके मुद्दे अनसुलझे रहे।” सोनीपत की महापंचायत में खाप, किसान और महिला अधिकार संगठनों ने हिस्सेदारी की। यह महापंचायत पहलवानों ने बुलाई थी।

ओलंपिक पदक विजेता और पहलवानों के आंदोलन की एक प्रमुख आवाज बजरंग पुनिया ने महापंचायत में कहा कि उनके संघर्ष में कोई राजनीति शामिल नहीं है। हमने यह पंचायत अब तक जो कुछ हुआ उसके बारे में बताने के लिए बुलाया था। अगर 15 जून तक कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो हम अपना विरोध फिर से शुरू करेंगे। विनेश फोगाट के महापंचायत में शामिल न होने के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए बजरंग पुनिया ने कहा कि विनेश की तबीयत खराब है। इसलिए वे इसमें शामिल नहीं हो पाईं। इस संदर्भ में साक्षी मलिक ने कहा कि हम सब एकजुट हैं। विनेश कानूनी मुद्दों को देख रही हैं। इसके अलावा बहुत सारे अन्य काम भी हैं।

(जनचौक डेस्क की रिपोर्ट।)

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